पेड़ से गिरने के बाद रीढ़ की हड्डी में आई थी गंभीर चोट, दोनों पैर हो गए थे पैरालाइज

मुजफ्फरपुर : “जिंदा होते हुए भी लाश बन गया था, लेकिन डॉ. अमन शर्मा के प्रयास से आज जीवन जीने लायक हो गया हूं।” यह कहते हुए कटरा थाना क्षेत्र निवासी कामेश्वर ठाकुर के चेहरे पर राहत साफ दिखाई देती है। चार महीने पहले तक दोनों पैरों से चलने में असमर्थ कामेश्वर अब अपने पैरों पर चल रहे हैं। लंबे इलाज और निराशा के दौर के बाद उनकी जिंदगी में आया यह बदलाव उनके और परिवार के लिए बड़ी राहत बनकर आया है।

बताया गया कि पेड़ से गिरने के कारण कामेश्वर की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी और स्पाइन की नस दब गई थी। इसके बाद उनके दोनों पैर पैरालाइज हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पेशाब भी बंद हो गया। परिजन उन्हें इलाज के लिए कई जगह लेकर गए, लेकिन अपेक्षित राहत नहीं मिली।

लगातार इलाज के बावजूद सुधार नहीं होने पर कामेश्वर जिला परिषद स्थित ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पाइन स्पेशलिस्ट डॉ. अमन शर्मा के पास पहुंचे। डॉ. शर्मा ने जरूरी जांच कराने के बाद स्थिति का आकलन किया। इसके बाद मरीज और परिजनों की सहमति से उन्होंने अपनी टीम के साथ स्पाइन का ऑपरेशन किया।

बताया गया कि ऑपरेशन सफल रहा और इसके बाद धीरे-धीरे मरीज की स्थिति में सुधार होने लगा। चार महीने बाद कामेश्वर अब अपने पैरों पर चलने लगे हैं और सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने डॉ. अमन शर्मा और उनकी पूरी टीम के प्रति आभार जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

डॉ. अमन शर्मा एसकेएमसीएच में पदस्थापित हैं। ऑर्थोपेडिक्स और स्पाइन से जुड़े जटिल मामलों के उपचार में सक्रिय युवा चिकित्सक के रूप में वे मरीजों को चिकित्सा सेवा दे रहे हैं। कामेश्वर का अपने पैरों पर दोबारा खड़ा होना उनके परिवार के लिए जहां बड़ी खुशी है, वहीं गंभीर चोट के बाद उपचार से मिली राहत की एक सकारात्मक तस्वीर भी पेश करता है।