चुनावी माहौल को लेकर पीएम ने जनता के उत्साह को अपनी सरकार के प्रति समर्थन बताया


असम : राज्य के धेमाजी में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी बिगुल के साथ विपक्ष पर जोरदार हमला बोला और अपनी सरकार के कामकाज को सामने रखते हुए जनता से फिर भरोसा जताने की अपील की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के लिए सत्ता और परिवार ही सबसे बड़ा उद्देश्य रहा है, जबकि उनकी सरकार का ध्यान आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित रहा है।


प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पहले की सरकारें इस क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं कर सकीं। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि जहां दशकों में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज बने, वहीं हाल के वर्षों में इस दिशा में तेजी से विस्तार हुआ है और कई नए संस्थान बन रहे हैं। यह बदलाव राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


महिलाओं के सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और आने वाले समय में इस संख्या को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला कदम बताया। किसानों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत दी गई है। साथ ही बाढ़ जैसी पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए भी बड़े स्तर पर काम चल रहा है। आधुनिक तटबंधों के निर्माण और अन्य परियोजनाओं के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास तेज किए गए हैं।


चुनावी माहौल को लेकर उन्होंने जनता के उत्साह को अपनी सरकार के प्रति समर्थन बताया और कहा कि राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनने का भरोसा दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही राजनीतिक दल की सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिलती है और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने असम के औद्योगिक भविष्य की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य को अब पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक का केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर उत्पादन जैसे क्षेत्रों में निवेश से असम को नए औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


इसके अलावा उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में पुलों और सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। लंबे समय तक अधूरे रहे कार्यों को तेजी से पूरा किया गया है, जिससे लोगों की आवाजाही आसान हुई है और दूरदराज के इलाकों को जोड़ने में मदद मिली है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह संबोधन केवल चुनावी हमला भर नहीं था, बल्कि इसमें विकास, योजनाओं और भविष्य की दिशा को लेकर स्पष्ट संदेश भी शामिल था। अब देखना यह होगा कि जनता इस दावे और भरोसे को किस रूप में स्वीकार करती है।