लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में गुवाहाटी में भव्य समारोह आयोजित
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
असम की राजनीति में हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही वह राज्य के इतिहास में ऐसे पहले गैर कांग्रेसी नेता बन गए हैं जिन्होंने लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री पद संभालने का रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की यह लगातार तीसरी सरकार है।
भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन ने पहली बार वर्ष 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में असम की सत्ता हासिल की थी। इसके बाद 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने और अब एक बार फिर जनता का विश्वास हासिल करते हुए उन्होंने सत्ता में वापसी की है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि राज्य में भाजपा की लगातार मजबूत होती पकड़ का संकेत भी मानी जा रही है।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पूरे असम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत देशभर के कई बड़े नेता मौजूद रहे। मंच पर राष्ट्रीय राजनीति के कई प्रमुख चेहरे एक साथ दिखाई दिए, जिससे कार्यक्रम की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह के बाद हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी नई कैबिनेट को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि असम विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और हिमंत सरमा की कार्यशैली के दम पर राज्य नई ऊंचाइयों को छुएगा।
नई सरकार में अरुण बोरा, चरण बोरो, रामेश्वर तेली और अजंता नियोग ने मंत्री पद की शपथ ली। माना जा रहा है कि नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई है ताकि राज्य के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
शपथ ग्रहण समारोह में हिमंत बिस्वा सरमा का परिवार भी मौजूद रहा। उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने समारोह में पहुंचकर खुशी जाहिर की और कहा कि यह उनके परिवार के लिए बेहद खास पल है। समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की भी भीड़ जुटी रही, जिन्होंने अपने नेता का जोरदार स्वागत किया।
राजनीतिक दृष्टि से इस कार्यक्रम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई राज्यों के प्रमुख नेता शामिल हुए। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी ने भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा।
भाजपा अब पूर्वोत्तर में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करने के संकेत दे रही है और हिमंत बिस्वा सरमा को इस रणनीति का महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है।
