आठ घंटे में पुलिस ने पलट दी पूरी कहानी। करीब 50 लाख की अष्टधातु की राम-लक्ष्मण-सीता की मूर्तियां सकुशल बरामद आमोद शाह गिरफ्तार

नीरज कुमार, पूर्वी चंपारण

सावन के पवित्र महीने में पूर्वी चंपारण के एक प्राचीन मंदिर में हुई चोरी ने कुछ घंटों के लिए पूरे इलाके की आस्था को झकझोर कर रख दिया। लखौरा थाना क्षेत्र की नौरंगिया पंचायत के वार्ड संख्या-11 में स्थित करीब 100 वर्ष पुराने सार्वजनिक राम-जानकी मंदिर से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गईं। सुबह मंदिर का गर्भगृह खाली मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए। हालांकि चोर अपनी योजना को सफल मानकर आगे बढ़ते, उससे पहले ही पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर पूरी वारदात का पर्दाफाश कर सभी मूर्तियां सुरक्षित बरामद कर लीं।

इस कार्रवाई में पुलिस ने आमोद शाह को गिरफ्तार किया है। चोरी में शामिल उसके अन्य सहयोगियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद जहां श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली, वहीं मंदिर की सुरक्षा में हुई गंभीर लापरवाही ने पुलिस प्रशासन को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।

मंदिर के पुजारी धनराज दास लखौरा के बरवा गांव के रहने वाले हैं। वह प्रतिदिन की तरह सुबह पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने गर्भगृह का द्वार खोला, सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की अष्टधातु की मूर्तियां अपने स्थान से गायब थीं। कुछ क्षण तक पुजारी को विश्वास ही नहीं हुआ कि मंदिर के भीतर से इतनी प्राचीन और बहुमूल्य प्रतिमाएं चोरी हो सकती हैं।

पुजारी ने तुरंत गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी। मंदिर से भगवान की मूर्तियां चोरी होने की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए। सावन के महीने में हुई इस दुस्साहसिक वारदात को लेकर लोगों में भारी आक्रोश था। इसके बाद पुजारी ने तत्काल लखौरा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।

मामला जैसे ही पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के संज्ञान में पहुंचा, उन्होंने इसे सामान्य चोरी की घटना मानने के बजाय सीधे श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना। एसपी ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर मूर्तियों की हर हाल में शीघ्र बरामदगी का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच, स्थानीय सूचना तंत्र और मानवीय सूचनाओं को एक साथ जोड़कर कार्रवाई शुरू की।

पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की गई और चोरी के बाद मूर्तियों को ठिकाने लगाने के संभावित रास्तों को खंगाला गया। लगातार दबाव और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस महज आठ घंटे के अंदर चोरी गई भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की तीनों अष्टधातु की मूर्तियों तक पहुंच गई। मूर्तियों को सकुशल बरामद कर लिया गया और मामले में शामिल आमोद शाह को गिरफ्तार कर लिया गया।

लखौरा थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मामले का सफल उद्भेदन किया है। चोरी गई सभी मूर्तियां सुरक्षित बरामद कर ली गई हैं। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और वारदात में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा है। करीब 50 लाख रुपये मूल्य की प्राचीन मूर्तियां मंदिर में स्थापित थीं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर की सुरक्षा में हुई चूक को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

एसपी ने संबंधित गश्ती दल और चौकीदार को निलंबित करने की कार्रवाई का आदेश दिया है। यह कार्रवाई केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं रखी गई है। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के मठों और मंदिरों के प्रबंधन के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है।

सभी धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाने, रात्रि प्रहरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और रात में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने को कहा गया है। एसपी ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कई मंदिरों में लाखों रुपये मूल्य की प्राचीन मूर्तियां और दान-पेटियां मौजूद हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए बुनियादी व्यवस्था तक नहीं की गई है।

उन्होंने साफ कहा कि अब मंदिर प्रबंधन और स्थानीय पुलिस दोनों को सुरक्षा को लेकर जवाबदेह बनाया जाएगा। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।