इंडिया गठबंधन के 11 नेताओं ने संयुक्त रूप से उठाया कानूनी कदम, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं के नाम शामिल

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी टकराव अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस विवाद को न्यायिक मंच पर उठाया है। याचिका में राहुल गांधी को प्रमुख याचिकाकर्ता बनाया गया है। विपक्ष के इस कदम के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर चल रही राजनीतिक लड़ाई ने कानूनी मोड़ ले लिया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले विपक्षी नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का प्रयास किया था। हालांकि, मुलाकात नहीं हो सकी और उन्हें न्यायालय में विधिवत याचिका दाखिल करने के लिए कहा गया। इसके बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया।

इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। समर्थकों की भीड़ के कारण राहुल गांधी निर्धारित समय के भीतर सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंच सके। इसके बाद अधिवक्ता एस. प्रसन्ना के माध्यम से याचिका दाखिल कराई गई।

बताया गया है कि जनहित याचिका पर विपक्षी गठबंधन के 11 नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इनमें राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत रॉय, शिवसेना नेता संजय राउत, माकपा महासचिव एम.ए. बेबी और भाकपा नेता डी. राजा शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ई.टी. मोहम्मद शबीर के नाम भी हस्ताक्षरकर्ताओं में बताए गए हैं।

याचिका में राहुल गांधी के अलावा मल्लिकार्जुन खरगे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को भी याचिकाकर्ता बताया गया है। राहुल गांधी प्रमुख याचिकाकर्ता हैं। विपक्ष की इस पहल के बाद अब मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्रवाई पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।