बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना

दीपक श्रीवास्तव

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक अटकने के बाद इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं को अधिकार देने के सवाल पर विपक्ष ने एकजुट होकर बाधा खड़ी की है। उन्होंने इसे नारी शक्ति के सम्मान के खिलाफ बताया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

सम्राट चौधरी ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के प्रयासों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि किस तरह इस मुद्दे पर कुछ दलों ने सकारात्मक रुख अपनाने के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, अगर यह विधेयक पारित हो जाता तो यह देश के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित होता।

मुख्यमंत्री ने परिवारवाद का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ दलों में सीमित दायरे में ही महिलाओं को अवसर मिलता है, जबकि आम परिवारों की महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि यही मानसिकता महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कदम के रास्ते में बाधा बन रही है।

बिहार के संदर्भ में बात करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्तमान में राज्य विधानसभा में महिलाओं की संख्या काफी कम है। उनका दावा था कि यदि यह संशोधन लागू होता तो महिला प्रतिनिधित्व में बड़ा इजाफा देखने को मिलता और सैकड़ों महिलाएं विधानमंडल तक पहुंच पातीं। उन्होंने इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर देशभर में अभियान चलाएगी और जनता के बीच जाकर बताएगी कि महिला आरक्षण के सवाल पर किस दल का क्या रुख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर जनता के सामने जवाब देना होगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच महिला आरक्षण का मुद्दा अब एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है, जहां आने वाले दिनों में इस पर सियासी घमासान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।