केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे की अध्यक्षता में निवेश की संभावनाओं पर होगी चर्चा

नई दिल्ली : देश की खनिज सुरक्षा मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में निजी निवेश को रफ्तार देने के लिए पटना सोमवार को एक अहम पहल का गवाह बनेगा। भारत सरकार का खान मंत्रालय 17 अगस्त को यहां महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी के आठवें चरण पर रोड शो आयोजित करेगा। इसके साथ राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण और विकास ट्रस्ट एनएमईडीटी पर कार्यशाला भी होगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे करेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और खान मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी इसमें मौजूद रहेंगे। केंद्र और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एमईसीएल, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और संभावित निवेशक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

नीलामी के आठवें चरण में कुल 20 खनिज ब्लॉक शामिल किए गए हैं। इनमें तीन खनन पट्टा और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक हैं। इन ब्लॉकों में ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, दुर्लभ धातु, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लॉकोनाइट जैसे महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज शामिल हैं।

रोड शो के दौरान निवेशकों को इन ब्लॉकों की खनिज क्षमता, नीलामी की रूपरेखा और बोली प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में निवेश और भागीदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। एमईसीएल खनिज ब्लॉकों, एसबीआईकैप्स नीलामी प्रक्रिया एवं निविदा दस्तावेज और एमएसटीसी ई-नीलामी प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी देगा।

कार्यक्रम में कंपोजिट लाइसेंस धारकों के अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से जुड़ी एनएमईडीटी योजना की जानकारी भी दी जाएगी। इसके बाद हितधारकों के साथ खुली चर्चा होगी, जिसमें नीलामी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान किया जाएगा।

दूसरे सत्र में खनिज अन्वेषण की योजना, क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग पर कार्यशाला होगी। इसमें भारत की खनिज अन्वेषण क्षमता, राष्ट्रीय भूविज्ञान डेटा भंडार एनजीडीआर, इसके जरिए अन्वेषण ब्लॉक तैयार करने और खनिज अन्वेषण रिपोर्ट बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वरिष्ठ अधिकारी तकनीकी सत्र भी लेंगे।

खान मंत्रालय की यह पहल महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू अन्वेषण और विकास को गति देने के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए जरूरी खनिजों की उपलब्धता बढ़ाकर देश की खनिज सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देना है।