• भाजपा प्रभावित इलाकों में ज्यादा कटे वोट


बलिराम सिंह, लखनऊ।


उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अंतिम मतदाता सूची जारी की। एसआईआर के बाद यूपी में 2.04 करोड़ मतदाता घट गए। हालांकि इस दौरान मतदाता सूची में 84 लाख 28 हजार 767 नए नाम जोड़े गए हैं।

अंतिम निर्वाचक नामावली (10 अप्रैल 2026) में कुल मतदाता 13,39,84,792 हो गए, जिनमें पुरुष 7,30,71,061 जो 54.54%, महिला 6,09,09,525 जो 45.46%, और तृतीय लिंग 4206 जो 0.01% से कम थे। 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 17,63,360 जो 1.32% थे और जेंडर रेशियो 834 हो गया।

मसौदा से अंतिम सूची में कुल मतदाताओं में 84,28,767 की वृद्धि हुई, जिसमें पुरुष 42,27,902, महिला 42,00,778, तृतीय लिंग 87, और 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 14,29,379 बढ़े। जेंडर रेशियो में 10 अंकों की वृद्धि हुई।


सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 जिले:

प्रयागराज (3,29,421), लखनऊ (2,85,961), बरेली (2,57,920), गाजियाबाद (2,43,666), और जौनपुर (2,37,590) थे।


सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 विधानसभा क्षेत्र:

साहिबाबाद (82,898), जौनपुर (56,118), लखनऊ पश्चिम (54,822), लोनी (53,679), फिरोजाबाद (47,757)


विसंगतियां:

नोटिसों की सुनवाई के संबंध में, 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ और 2.22 करोड़ मतदाताओं में तार्किक विसंगतियाँ थीं।


भाजपा प्रभावित इलाकों में ज्यादा वोट घटे:


एसआईआर के बाद भाजपा के प्रभाव वाले जिलों में ज्यादा वोट घटे हैं। लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर नगर, नोएडा और मेरठ में 18.75 प्रतिशत से 22.89 प्रतिशत तक वोट कम हुए हैं। इन जिलों में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अधिकतर सीटें भाजपा के खाते में गईं।