पहली कैबिनेट बैठक में सीमा सुरक्षा से लेकर आयुष्मान भारत तक कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी टीम को जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं। मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है और इसके साथ ही राज्य की नई प्रशासनिक दिशा भी साफ होने लगी है। सरकार के शुरुआती फैसलों ने यह संकेत दे दिया है कि सीमा सुरक्षा, केंद्र की योजनाओं के विस्तार और प्रशासनिक बदलाव सरकार की प्राथमिकता में रहने वाले हैं।
नई कैबिनेट में दिलीप घोष को पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ कृषि विपणन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अग्निमित्रा पाल को नगर विकास के साथ महिला और बाल कल्याण विभाग सौंपा गया है। अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग का प्रभार मिला है, जबकि खुधीराम टुडू को आदिवासी विकास विभाग की कमान दी गई है। निशिथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास विभाग के साथ खेल और युवा कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभालने के तुरंत बाद मंत्रिमंडल के कामकाज को गति देने की कोशिश शुरू कर दी है। हालांकि अभी कैबिनेट का विस्तार बाकी है, लेकिन राज्य के अगले वित्त मंत्री को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री संजीव सान्याल को सरकार बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।
संजीव सान्याल फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और केंद्र सरकार के साथ लंबे अनुभव को देखते हुए उनका नाम गंभीरता से लिया जा रहा है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद से जुड़े रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं के साथ भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं। वर्तमान में वे पुणे स्थित गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स में चांसलर की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बंगाल चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों में संजीव सान्याल का परिवार भी शामिल रहा। शपथ ग्रहण समारोह में उनकी मौजूदगी ने इन अटकलों को और बल दिया है।
इधर, नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक भी काफी अहम रही। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर लिया गया। सरकार ने उन सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जहां अब तक तारबंदी नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों के अनुरूप सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का काम तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी और इसे 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई सरकार ने केंद्र की कई योजनाओं को भी राज्य में लागू करने का फैसला किया है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा नए आपराधिक कानूनों को भी तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है।