एम्स के 71वें स्थापना दिवस पर अनुप्रिया पटेल ने एआई और रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मानवीय संवेदना पर दिया जोर
नई दिल्ली। मशीनें बीमारी पहचानने में डॉक्टर की मदद कर सकती हैं और रोबोट जटिल ऑपरेशन को आसान बना सकते हैं, लेकिन मरीज को भरोसा देने वाला मानवीय स्पर्श किसी तकनीक से नहीं मिल सकता। एम्स नई दिल्ली के 71वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से बढ़ती तकनीक के बीच इसी संतुलन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि एआई चिकित्सक की समझ, रोबोटिक भुजा सर्जन के निर्णय और तकनीक नर्स की मानवीय उपस्थिति का स्थान नहीं ले सकती।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 1956 में स्थापना के बाद एम्स नई दिल्ली ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में विशिष्ट पहचान बनाई है। देश में कभी केवल एक एम्स था, जबकि अब 23 एम्स का नेटवर्क है। वर्ष 2014 से मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 800 से अधिक और स्नातक मेडिकल सीटों की संख्या 51 हजार से बढ़कर करीब 1.3 लाख हो गई है। सरकार 75 हजार अतिरिक्त मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना पर भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि विस्तार केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं देश के हर क्षेत्र तक पहुंचनी चाहिए। एम्स नई दिल्ली की जिम्मेदारी है कि वह अन्य चिकित्सा संस्थानों का मार्गदर्शन करने के साथ स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करे और अपनी विशेषज्ञता देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाए।

पटेल ने स्वदेशी चिकित्सा तकनीक विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा आयातित चिकित्सा तकनीकों पर निर्भर नहीं रह सकता। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और भारतीय उद्योग को मिलकर देश की जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य समाधान विकसित करने होंगे। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य सेवा, रोगों की शीघ्र पहचान और स्वास्थ्यकर्मियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।
एम्स निदेशक निखिल टंडन ने बताया कि पिछले वर्ष संस्थान में 50 लाख से अधिक ओपीडी मरीज पहुंचे, 3.5 लाख से अधिक मरीज भर्ती हुए और करीब तीन लाख सर्जरी की गईं। एम्स ने एक हजार से अधिक रोबोटिक सर्जरी की हैं और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान में देश का पहला रोबोट-सहायता प्राप्त गुर्दा प्रत्यारोपण भी किया है।
इस अवसर पर अनुप्रिया पटेल ने ‘एम्स स्वास्थ्य सेवा नवाचार के सात दशक’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें 95 पोस्टरों के जरिए संस्थान की उपलब्धियां प्रदर्शित की गई हैं। 25 से 27 सितंबर तक चलने वाली प्रदर्शनी में 1,500 से अधिक स्कूली छात्र स्वास्थ्य, पोषण, अंगदान और सीपीआर जैसी गतिविधियों से जुड़ेंगे।
