मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, बाइक सवार दो संदिग्ध हिरासत में। 500 रुपये के 176 संदिग्ध नोट बरामद, कुल अंकित मूल्य 88 हजार रुपये
पूर्वी चंपारण : असली जैसे दिखने वाले 500 रुपये के नोटों की गड्डी लेकर दो बाइक सवार मोतिहारी से निकले, लेकिन भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय सुरक्षा एजेंसियों की नजर से नहीं बच सके। पहले से मिली खुफिया सूचना के आधार पर मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर बिछाए गए जाल में दोनों संदिग्ध फंस गए। तलाशी हुई तो 500 रुपये के 176 संदिग्ध नोट बरामद हुए। इनका कुल अंकित मूल्य 88 हजार रुपये है। शुरुआती जांच में कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर मिलने और छपाई की गुणवत्ता फीकी होने के बाद इनके जाली भारतीय मुद्रा होने का संदेह गहरा गया है।
यह कार्रवाई 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से की। जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को 71वीं वाहिनी SSB मोतिहारी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में सीमा चौकी महुअवा को खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ लोग मोतिहारी से संदिग्ध जाली भारतीय मुद्रा लेकर तस्करी के उद्देश्य से निकलने वाले हैं। सूचना मिलते ही SSB सक्रिय हुई और इसकी जानकारी लखौरा थाना पुलिस के साथ साझा की गई।
इसके बाद उपनिरीक्षक रिषभ सिंह रावत के नेतृत्व में संयुक्त अभियान दल गठित किया गया। टीम में SSB के तीन अन्य जवानों के साथ बिहार पुलिस के एक अधिकारी और दो पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर नाकाबंदी कर वाहनों और संदिग्ध लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ में उनकी पहचान शेख नूर आलम, उम्र 38 वर्ष, पिता शेख मुलाजिम, ग्राम बसवरिया, थाना चिरैया और मो. इस्तकार, उम्र 35 वर्ष, पिता मो. शफीक मियां, ग्राम महुआवा, थाना चिरैया, पूर्वी चंपारण के रूप में हुई।
मामला संदिग्ध मुद्रा से जुड़ा होने के कारण सदर मोतिहारी के अंचल अधिकारी सुनील कुमार को इसकी सूचना दी गई। उनकी मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली गई। इस दौरान शेख नूर आलम के कब्जे से 500 रुपये के 176 संदिग्ध नोट मिले। बरामद नोटों का कुल अंकित मूल्य 88 हजार रुपये बताया गया है।
नोटों को देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियों का संदेह और बढ़ गया। प्रारंभिक जांच में उनकी छपाई फीकी मिली, जबकि कई नोटों पर समान क्रम संख्या अंकित होने की बात सामने आई। इन्हीं विसंगतियों के आधार पर नोटों के प्रथम दृष्टया जाली भारतीय मुद्रा होने का संदेह जताया गया है। रात करीब 11 बजकर पांच मिनट पर संदिग्ध मुद्रा को जब्त कर लिया गया।
दोनों संदिग्धों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखौरा थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि संदिग्ध नोट कहां से आए, इन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। जब्त नोटों की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि भी जांच और विधिक प्रक्रिया के बाद होगी।
