नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का आरोप, डीएम से जांच कर कार्रवाई की मांग
गणेश धर द्विवेदी
देवरिया में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब ठगी के शिकार लोग बड़ी संख्या में उसके दफ्तर पर पहुंच गए। दफ्तर बंद रहने और वहां काम करने वाले लोगों का कोई अता पता न रहने से वहां मामला बिगड़ने की कगार पर पहुंच गया, लेकिन तब इसकी सूचना पर स्थानीय पुलिस पर मौके पर पहुंच कर मामले को गंभीरता को समझा और भीड़ को संभालने में कामयाब हुई। इसके बाद मामला थाने और जिलाधिकारी तक पहुंच गया। इसके पीछे कौन है…?, इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जांच का विषय है और कोई भी नतीजा जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद एक व्यक्ति ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर विदेश भेजने के नाम पर करीब 750 लोगों से ठगी किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विदेश में नौकरी दिलाने और बेहतर वेतन का झांसा देकर उससे तथा अन्य लोगों से अलग-अलग रकम ली गई, लेकिन न तो विदेश भेजा गया और न ही धनराशि वापस की गई। शिकायती पत्र के अनुसार, विदेश भेजने का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया। बातचीत के दौरान उन्हें विदेश में रोजगार दिलाने तथा अच्छी आमदनी का लालच दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भरोसे में लेकर उससे 55 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तथा करीब तीन हजार रुपये नकद लिए गए। इसके बाद भी उसे विदेश नहीं भेजा गया।
शिकायत में एक बैंक खाते और आईएफएससी कोड का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें रकम जमा कराए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसके जैसे बड़ी संख्या में लोग इस कथित ठगी का शिकार हुए हैं। पत्र में करीब 750 लोगों से धनराशि लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ितों की रकम वापस कराने की मांग की है। मामला सामने आने के बाद विदेश में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से रकम वसूली के आरोपों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और ठगी की कुल रकम स्पष्ट हो सकेगी।
