कई की आंखों की रोशनी पर असर, तुरकौलिया और रघुनाथपुर में फैली दहशत, कई लोग अस्पताल में भर्ती, SIT जांच शुरू
बिहार। मोतिहारी में एक बार फिर जहरीली शराब ने कहर बरपा दिया है, जिससे पूरे जिले में दहशत का माहौल है। तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के गांवों में अचानक तबीयत बिगड़ने और मौतों की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अस्पताल में इलाजरत हैं और कुछ की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात सामने आई है। इस घटना ने एक बार फिर 2023 के उस भयावह हादसे की याद दिला दी है, जब जहरीली शराब से 42 लोगों की जान गई थी।
घटना की शुरुआत तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर पंचायत के फुलवा घाट निवासी चूमन की संदिग्ध मौत से हुई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मामला शुरुआत में दबा रहा। लेकिन अगले ही दिन स्थिति तब गंभीर हो गई जब उसी इलाके के 28 वर्षीय टेंपो चालक चंदू कुमार की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा निवासी लोहा ठाकुर की तबीयत बिगड़ी और उन्हें मदन राज नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के दौरान जहरीली शराब के सेवन की पुष्टि की। लोहा ठाकुर ने धुंधला दिखाई देने की शिकायत भी की, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया।
इलाज के दौरान प्रमोद यादव (30 वर्ष, शंकर सरैया परसौना), परीक्षण मांझी (46 वर्ष, शंकर सरैया परसौना) और हीरालाल महतो (हरदिया) की भी मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। चूमन की मौत को लेकर भी शक गहरा गया है, जिससे कुल मौतों को लेकर चर्चा और बढ़ गई है।
वर्तमान में छह लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि सात लोग इलाज के बाद अपने घर लौट चुके हैं। प्रभावित लोगों में लोहा ठाकुर (बालगंगा), रावण यादव उर्फ रविंद्र यादव (लक्ष्मीपुर गदरिया), दिनेश यादव (देवलाल राय के पुत्र), उमेश राम (परसौना), संपत साह (बालगंगा), लड्डू साह और राहुल कुमार शामिल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने खुद स्थिति की निगरानी संभाल ली है। तुरकौलिया थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया है और मुख्य साजिशकर्ता नागा रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परसौना के चौकीदार भरत रॉय को निलंबित कर दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जिसमें साइबर डीएसपी और डीआईयू की टीम भी शामिल है। डीएसपी दिलीप कुमार और साइबर थानाध्यक्ष अभिनव पाराशर के नेतृत्व में विभिन्न गांवों में लगातार छापेमारी की जा रही है। उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त नीरज कुमार और इंस्पेक्टर मनीष की टीम भी शराब के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे मांग कर रहे हैं कि अवैध शराब के कारोबार पर स्थायी रूप से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया गया है और लोगों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जहरीली शराब का खतरा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और इसके खिलाफ सख्त और स्थायी कार्रवाई की जरूरत है।