भारतीय के साथ नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड भी कथित तौर पर किए जा रहे थे तैयार
पूर्वी चम्पारण : सिर्फ 300 रुपये दीजिए और आधार पर तैयार हो जाएगी नई पहचान! भारत-नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चम्पारण के आदापुर में पुलिस ने कुछ ऐसे ही कथित खेल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। यहां साइबर कैफे की आड़ में भारतीय और नेपाली नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाने की सूचना पर एसओजी और आदापुर पुलिस ने दो स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में दो साइबर कैफे संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस तरीके से अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए गए और इन्हें बनवाने वाले लोग कौन थे।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि आदापुर थाना क्षेत्र में साइबर कैफे की आड़ में फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना का सत्यापन कराने के बाद एसओजी और आदापुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम को कार्रवाई के लिए लगाया गया।
संयुक्त टीम ने सबसे पहले ग्राम बिशनपुरवा स्थित ‘चौरसिया ऑनलाइन’ दुकान पर छापेमारी की। यहां से राम विनय चौरसिया, पिता प्रेम प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि एक एप्लीकेशन और ‘डी-प्रिंट पोर्टल’ का इस्तेमाल कर कथित तौर पर भारतीय एवं नेपाली नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे।
एक ठिकाने पर कार्रवाई के बाद पुलिस रुकी नहीं। जांच की अगली कड़ी आदापुर बाजार स्थित ‘वर्षा कंप्यूटर’ तक पहुंची। संयुक्त टीम ने वहां भी छापेमारी की। पुलिस का दावा है कि इस दुकान पर भी फर्जी आधार कार्ड बनाने का काम किया जा रहा था और इससे जुड़े दूसरे व्यक्ति को कथित तौर पर रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, एक फर्जी आधार कार्ड तैयार करने के बदले करीब 300 रुपये लिए जाने की जानकारी मिली है। यानी बेहद कम रकम में पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज कथित तौर पर तैयार किया जा रहा था। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिलसिला कब से चल रहा था और अब तक कितने आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं।
जांच का दायरा भारतीय नागरिकों तक सीमित नहीं है। पुलिस के अनुसार, नेपाली नागरिकों के नाम पर भी कथित फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिनके लिए ये दस्तावेज बनाए गए। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि तैयार किए गए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।
पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। कार्रवाई के दौरान मिले डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इनसे मिलने वाले रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों साइबर कैफे के अलावा इस कथित नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
मामले में आदापुर थाना कांड संख्या 277/26 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
