कुशीनगर की सीमा के पास कसया-देवरिया मार्ग पर हुआ हादसा, गैस कटर से काटकर निकाले गए शव, त्योहार की तैयारियों में जुटे परिवारों पर टूटा दु:खों का पहाड़
गणेश धर द्विवेदी
कुशीनगर की सीमा के पास कसया-देवरिया मार्ग पर सोमवार की देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। रामाभार पुल के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में प्रधान पुत्र समेत चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दशहरा से ठीक पहले हुई इस घटना से तरकुलवा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, तरकुलवा क्षेत्र के मथिया रूनी गांव के प्रधान शकुंतल प्रसाद का बेटा नीतीश कुमार अपने दोस्तों के साथ कसया में लगा नवरात्रि मेला देखने निकला था। रास्ते में उसने अलग-अलग गांवों से अपने दोस्तों को कार में बैठाया। बताया गया कि कार में शुरुआत में आठ दोस्त सवार थे, लेकिन रास्ते में एक युवक उतर गया। इसके बाद सात युवक कार में रह गए। देर रात लौटते समय रामाभार पुल के पास कार चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी पेड़ से जा टकराई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और शव उसमें फंस गए थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार हादसे की वजह मानी जा रही है। हादसे में नीतीश कुमार (22), प्रदीप प्रसाद (23), संजीव शर्मा (21) और अंकुल कनौजिया उर्फ आदित्य (20) की मौत हो गई। वहीं अंकित प्रसाद (22), अंकित यादव (21) और हिमांशु वर्मा (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। त्योहार की तैयारियों में जुटे परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन घरों में दशहरे की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां अब मातम पसरा है। पूरे इलाके में इस हादसे को लेकर शोक और स्तब्धता का माहौल है।
