पीएम मोदी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जहां सीपियां इकट्ठा करने नदी में उतरे एक ही परिवार के कई लोग तेज बहाव की चपेट में आ गए। हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश जारी है। मृतकों में सात महिलाएं शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार भटकल तालुक के शिराली गांव के करीब 14 लोग थटेहक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए थे। स्थानीय समुदायों के लिए नदी और तटीय क्षेत्रों में सीपियां बटोरना एक पारंपरिक गतिविधि मानी जाती है। इसी दौरान कुछ लोग नदी के ज्यादा गहरे हिस्से में चले गए, जहां बारिश के कारण पानी का बहाव अचानक काफी तेज हो गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक लोगों ने नदी की गहराई और तेज धारा का सही अनुमान नहीं लगाया। देखते ही देखते एक-दो लोग बहने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी नदी में कूद गए, लेकिन तेज बहाव ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस व बचाव टीमों को सूचना दी।

घटना के बाद बचाव कर्मियों, पुलिस टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोगों की तलाश जारी है। जिन लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, उनमें नागरत्ना और महादेवी शामिल हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान उमेश मंजूनाथ नाइक, लक्ष्मी महादेव नाइक, लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक, लक्ष्मी अप्पन्ना नाइक, लक्ष्मी शिवराम नाइक, ज्योति मस्तम्मा नाइक, मालती नाइक और मस्तम्मा नाइक के रूप में हुई है। सभी मृतक शिराली गांव के निवासी बताए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के कारवार क्षेत्र में हुई इस दु:खद घटना से वे बेहद व्यथित हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी हादसे पर दु:ख जताते हुए इसे बेहद पीड़ादायक घटना बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मानवीय आधार पर मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार बारिश की वजह से नदी का जलस्तर और बहाव काफी बढ़ गया था। इसी कारण नदी के भीतर गए लोग तेज धारा में फंस गए और यह बड़ा हादसा हो गया।