जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस और एसआईटी की कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, मास्टरमाइंड और मुख्य तस्कर गिरफ्तार
बिहार : मोतिहारी में हुए जहरीली शराब कांड ने जहां कई परिवारों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया, वहीं अब इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस पूरे मामले में पुलिस और विशेष जांच दल ने उस नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है, जो ‘मौत की स्पिरिट’ के जरिए इस भयावह घटना को अंजाम दे रहा था।
मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जहरीली स्पिरिट की सप्लाई उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ‘एसएस केमिकल्स’ के नाम पर की जा रही थी। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड सतीश चंद्र चौधरी निकला, जिसे पुलिस ने लखनऊ में छापेमारी कर गिरफ्तार किया। मूल रूप से बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के सुक्रौली गांव का रहने वाला यह आरोपी गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके से अपने इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था।
इस पूरे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी स्थानीय स्तर पर सक्रिय तस्कर लवकुश यादव था, जिसे पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच में सामने आया कि लवकुश ही गाजियाबाद से जहरीली स्पिरिट की खेप मंगाता था और उसे इलाके में खपाता था। पुलिस के अनुसार, उसी ने कन्हैया यादव और सुनील शाह को यह जहरीली स्पिरिट उपलब्ध कराई, जिसे शराब में मिलाकर बेचा गया।
इस जहरीली शराब के सेवन से अब तक 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के मुताबिक, गिरफ्तार मास्टरमाइंड को मोतिहारी लाकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने इस पूरे खेल में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच के दौरान पुलिस को वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जो इस नेटवर्क की गहराई को उजागर करते हैं।
तुरकौलिया थाना कांड संख्या-174/26 के तहत दर्ज इस मामले में अब पुलिस सतीश चौधरी और लवकुश यादव के बीच हुए लेन-देन और सप्लाई चेन की पूरी परतों को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद जहरीली स्पिरिट की सप्लाई को बड़ा झटका लगा है और नेटवर्क को काफी हद तक ध्वस्त कर दिया गया है।
पुलिस का दावा है कि बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासन का फोकस अब इस तरह के अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करने पर है, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े।
