फर्जी खातों से करोड़ों की ठगी का खेल बेनकाब, 8 मोबाइल, 4 एटीएम कार्ड, 3 आधार कार्ड, 4 पासबुक और नकदी बरामद, देशभर की साइबर ठगी से जुड़ा नेटवर्क उजागर

गणेश धर द्विवेदी

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से आठ मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड, एक सिम कार्ड, तीन आधार कार्ड (जिनमें दो फर्जी), चार बैंक पासबुक तथा 13,620 रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में 'Cy-Vazra' अभियान के तहत एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर मिले संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान यह सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित कुमार गौतम, सुजीत उर्फ मुन्ना, अभिज्ञान प्रकाश, गौरव जायसवाल और आदर्श दूबे के रूप में हुई। सभी को मुखबिर की सूचना पर चीनी मिल ग्राउंड के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह साइबर ठगी से प्राप्त रकम को खरीदे गए बैंक खातों में मंगाकर एटीएम और चेक के जरिए तत्काल निकालता था। इसके बाद कमीशन काटकर शेष रकम गिरोह के संचालकों तक पहुंचाई जाती थी। प्रत्येक बैंक खाते के बदले 10 से 15 हजार रुपये तक कमीशन मिलता था।

पुलिस के मुताबिक ठगी की राशि का इस्तेमाल बाद में एजेंटों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए किया जाता था। आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से निवेश धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन समेत 17 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना भी कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।