नौ माह पहले हुई थी पवन की शादी, दांपत्य विवाद को लेकर न्यायालय तक पहुंच चुका था मामला
मुजफ्फरपुर : अहियापुर थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह लीची के बागान में 26 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मीनापुर के गंजबाजार बासुदेव छपरा निवासी भारत प्रसाद के पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई। पवन के ससुराल आने की बात सामने आई है। घटना ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब एसकेएमसीएच पहुंचे परिजनों ने ससुराल पक्ष पर पवन को बुलाकर हत्या करने और शव लीची बागान में फेंकने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अहियापुर थाना अंतर्गत टरमा स्थित लीची बागान में सोमवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर युवक के शव पर पड़ी। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और अहियापुर थाने की पुलिस भी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस की छानबीन में मृतक की पहचान करीब 26 वर्षीय पवन कुमार के रूप में हुई। वह मीनापुर थाना क्षेत्र के गंजबाजार बासुदेव छपरा निवासी भारत प्रसाद का पुत्र था। प्रारंभिक जानकारी में उसके ससुराल आने की बात सामने आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पवन के परिजन बड़ी संख्या में एसकेएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने घटनास्थल से शव को जल्दबाजी में उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने पर आपत्ति जताई और हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पवन को उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने बुलाया था और उसकी हत्या करने के बाद शव लीची बागान में फेंक दिया गया।
परिजनों के मुताबिक, पवन की शादी करीब नौ माह पहले हिंदू रीति-रिवाज से अहियापुर थाना क्षेत्र के पटियासा जलाल गांव निवासी लक्ष्मी नारायण सिंह की पुत्री अनीता कुमारी से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के करीब दो माह बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था और अनीता ने ससुराल में रहने से इनकार कर दिया था।
परिजनों का कहना है कि दांपत्य विवाद की जानकारी दोनों परिवारों और रिश्तेदारों को दी गई थी। मामले को सुलझाने के लिए कई बार आपसी स्तर पर समझौते की कोशिश भी हुई, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ। इसके बाद पवन ने अप्रैल में न्यायालय की शरण ली थी।
परिजनों के अनुसार, पवन ने अपनी पत्नी अनीता देवी सहित उसके पिता लक्ष्मी नारायण सिंह, मां विमला देवी, चाचा भाग्य नारायण सिंह, ललन सिंह, डॉ. विनोद सिंह और राजमंगल सिंह समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ न्यायालय में मामला दर्ज कराया था। अब पवन की मौत के बाद परिजन इसी पुराने विवाद को घटना से जोड़ते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों सहित घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही युवक की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी होने से पहले हत्या या मौत के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
